Monday, January 2, 2012

नव वर्ष...

नव वर्ष की शुभकामनाओं के साथ...
आओ फिर एक बार
इस आशा के साथ जिऐं
कि शायद,
मँहगाई की मार से मिल जाये निजात
घी,तेल शक्कर बार-बार नहीं दिखाऐं दॉत.
शायद,
देश के कर्णधारों को ,आ जाऐ सदबुद्धि
किसी तरह हो जाऐ उनकी आत्म शुद्धि
भ्रष्टाचार से जन की लडाई
सत्तामद की,टूटेगी तानाशाही
रोटी की चिन्ता में जन-जन बेहाल
शायद, ढूंढ लाऐ कोई जन का जन पाल ॥

डॉ.योगेन्द्र मणि

Monday, December 12, 2011

fatahsagar udaipur rajasthan

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अन्ना नहीं ये आँधी है
बिन लाठी का गाँधी है
भ्रष्ट्राचार पे लगेगा अंकुश
सबने आशा बाँधी है ॥
गाँधी ने स्वराज दिलाया
हमें लगा सुराज है आया
हर हाथों को काम मिलेगा
नेकी का ईनाम मिलेगा
हर घर में खुशियां बोयेगें
भूखे न बच्चे सोऐगें
खेतों में खुशहाली होगी
हर घर में दीवाली होगी
सपनों में अब तक जीते थे
प्यास लगी आँसू पीते थे
जनसेवक बन गये शासक
जनता उनकी बाँदी है
भ्रष्ट्राचार पे लगेगा अंकुश
सबने आशा बाँधी है ॥

Tuesday, March 29, 2011

मेरा भारत महान



मेरे देश का हर नेता चाहता है,
कि तुम भगत और आजाद बनो.
ताकि जवानी में ही तुम्हें
गोलियों से भून दिया जाऐ .
या
देश द्रोह के आरोप में
फाँसी पर लटका दिया जाऐ.
और
यह नेता नामक जीव
आराम से अपनी जेबें भरे
टेक्स का भार
निरीह जनता के माथे पर धरे.
इसीलिऐ
मेरे दोस्त ,
इन तथाकथित नेताओं की
मत सुनो
इनके लिऐ फाँसी के फन्दे को
मत चुनों.
अब कुछ ऐसा करो
जो इनके चेहरे से नकाब हट जाऐ
और फिर से
मेरा भारत महान कहलाऐ .