Wednesday, April 22, 2009

दूर-दृष्टी

दूर-दृष्टी

कडी मेहनत दूर दृष्टी
कडी मेहनत कीजिऐ
पेट की सूखी आँतों को
खूंटी पर टांग दीजिऐ
क्योंकि
आपके पसीने से विदेशी ‌ऋण चुकाऐगें
प्रतिफल में आपको आश्वासन
मिल जायेगें
आप आश्वासन पहिनिऐ
आश्वासन ओढिये
आश्वासन खाइए
आश्वासन आने वाली
पीढी को दे जाइऐ।
दूर-दृष्टी से काम लीजिऐ
भावी पीढ़ी को
कड़ी मेहनत की सीख दीजिऐ ।
और
अच्छी तरह समझा दीजिऐ
सारे जहाँ से अच्छा
हिन्दूस्ता हमारा........!
क्योंकि हम-
गाँधी वादी हैं
सरकारी विचारधारा
समाजवादी है
संविधान धर्मनिरपेक्ष
तथाकथित नेता अवसरवादी हैं
शायद ,इसीलिऐ कहलाता है
मेरा देश महांन ----?
टूटी चप्पल घिसता
पढ़ा-लिखा नौजवान
जनता आतंकवाद ,कुपोषण
भुखमरी की शिकार
फिर भी
तथाकथित नेता
बने पहलवान ॥

डॉ.योगेन्द्र मणि

6 comments:

  1. बहुत बढिया!! बिल्कुल सही कहा है।बधाई।
    क्योंकि हम-
    गाँधी वादी हैं
    सरकारी विचारधारा
    समाजवादी है
    संविधान धर्मनिरपेक्ष
    तथाकथित नेता अवसरवादी हैं
    शायद ,इसीलिऐ कहलाता है
    मेरा देश महांन ----?

    ReplyDelete
  2. बहुत बढिया लिखा है आपने .. अच्‍छभ्‍ रचना।

    ReplyDelete
  3. बिल्कुल सटीक चोट की है..बधाई!!

    ReplyDelete
  4. sahi kataksh. sunder kavita.

    ReplyDelete